दोनों सदनों के सदस्य ऐसे वेतन और भत्ते, जिन्हें संसद समय समय पर, विधि द्वारा अवधारित करे, प्राप्त करने के अधिकारी हैं। (अनुच्छेद 106)
पेंशन :
सदस्यों को किए जाने वाले भुगतानों से संबंधित सवैधानिक उपबंध में पेंशनों का कोई उल्लेख नहीं है। किंतु संसद ने संसद सदस्य (वेतन, भत्ते और पेंशन) अधिनियम के अधीन सदस्यों को पेंशन दिए जाने की स्वीकृति दी है। चार वर्ष के सेवाकाल वाले प्रत्येक सदस्य को 3,000 रुपये प्रतिमास की पेंशन दी जाती है। इसके अतिरिक्त पांच वर्ष के बाद की सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए 600 रुपये दिए जाते हैं।
सांसद न रहने पर, पेंशन के अतिरिक्त, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी में स्वयं के एक और व्यक्ति के साथ निःशुल्क रेल यात्रा की सुविधा उम्र भर प्राप्त रहती है।
वेतन तथा भत्ते :
प्रत्येक सदस्य 12,000 रुपये प्रतिमास का वेतन तथा ऐसे स्थान पर, जहां संसद के किसी सदन का अधिवेशन या समिति की बैठक हो, ड्यूटी पर निवास के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता प्राप्त करने का अधिकार है। कोई सदस्य सदन के अधिवेशन से ठीक पहले या बाद के तीन दिनों के लिए तथा समिति की बैठक से पहले या बाद के दो दिनों के लिए या संसद सदस्य के रूप में उसके कर्तव्यों से संबंधित किसी अन्य कार्य को करने के प्रयोजन के लिए दैनिक - भत्ता प्राप्त करने का भी अधिकार है। मासिक वेतन तथा दैनिक भत्ते के अलावा प्रत्येक सदस्य. 10,000 रुपये मासिक निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 14,000 रुपये प्रति मास की दर से कार्यालय व्यय प्राप्त करने का अधिकार है।
यात्रा संबंधी सुभिधाएं :
कोई सदस्य निम्नलिखित यात्रा-भत्ते पाने की अधिकारी है :
(क) रेल द्वारा यात्रा के लिए, एक प्रथम श्रेणी के तथा एक द्वितीय श्रेणी के किराए के बराबर रकम;
(ख) विमान द्वारा यात्रा के लिए; प्रत्येक ऐसी यात्रा के लिए विमान किराए के सवा गुना के बराबर रकम;
(ग) सड़क द्वारा यात्रा के लिए, आठ रुपये प्रति किलोमीटर तथा स्टीमर द्वारा यात्रा के लिए उच्चतम श्रेणी के किराए के अतिरिक्त उसका 3/5 भाग।
इसके अलावा, प्रत्येक सदस्य को प्रतिवर्ष देश के अंदर कहीं भी अपनी पली/अपने पति या सहचर के साथ 32 विमान यात्राए निःशुल्क करने की छूट होती है। प्रत्येक सदस्य को देश के अंदर कहीं भी, कितनी भी बार, वातानुकूलित श्रेणी में निःशुल्क यात्रा के लिए स्वयं तथा पत्नी/पति या सहचर के लिए एक रेलवे पास भी मिलता है। पत्नी/पति के लिए एक पृथक पास भी मिल सकता है। रेल यात्रा में इस सबके अलावा, सदस्य के साथ एक और व्यक्ति भी वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी में चल सकता है।
टेलीफोन :
प्रत्येक सदस्य निःशुल्क टेलीफोन-एक नई दिल्ली दिल्ली में तथा दूसरा अपने सामान्य निवास स्थान पर लगवाने का अधिकारी है। इसके अलावा, उसे प्रतिवर्ष 1,50,000 स्थानीय काल निःशुल्क करने की छूट होती है। महानगर टेलीफोन निगम का एक मोबाइल टेलीफोन भी प्रत्येक सदस्य को निःशुल्क अर्थात बिना पंजीकरण शुल्क और किराए के उपलब्ध होगा।
वास सुविधा तथा वाहन :
प्रत्येक सदस्य को नई दिल्ली में आवास स्थान प्रदान किया जाता है। फ्लैटों के लिए कोई शुल्क नहीं है जबकि बंगलों के लिए नाममात्र लाइसेंस शुल्क लगाया जाता है। कतिपय सीमाओं में बिजली (50 हजार यूनिट) तथा पानी (4,000 किलोमीटर) निःशुल्क होते हैं।
प्रत्येक सदस्य को उसके कार्यकाल के दौरान वाहन खरीदने के लिए बिना ब्याज के एक लाख रुपया अग्रिम राशि दी जाती है।
अन्य परिलब्धियां :
सदस्यों को जो अन्य परिलब्धियां तथा सुविधाएं प्रदान की जाती हैं उनमें आशुलिपिक तथा टंकण पूल, आयकर में राहत, कैंटीन, जलपान और खानपान, क्लब, कामन रूम, बैंक, डाकघर, रेलवे तथा हवाई बुकिंग तथा आरक्षण, बस परिवहन, एल पी जी सेवा, विदेशी मुद्रा का कोटा, लॉकर, सुपर बाजार आदि शामिल हैं। पार्लियामेंट एस्टेट के परिसर में एकमात्र सदस्यों के लिए एक प्रथमोपचार केंद्र तथा एक सुसज्जित चिकित्सा केंद्र भी कार्यशील हैं। इन सबके अलावा प्रत्येक सांसद अपने क्षेत्र में प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये विकास कार्य पर खर्चा करा सकता है। 80 हजार रुपये का फर्नीचर भी वह अपने आवास पर मुफ्त पाने का अधिकारी है। विदेश यात्रा में सदस्यों को प्रथम श्रेणी का विमान का टिकट तथा प्रतिदिन भत्ते का प्रावधान है।
संसद पर व्यय
2002-2003 के बजट के अनुसार संसद पर वार्षिक व्यय 264 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया है। 1952 में यह खर्चा एक करोड़ रुपये मात्र से भी कम था। विशेषतः सदस्यों पर ही होने वाला व्यय, जो 1952-53 में लगभग 58 लाख वार्षिक था, अब 60 करोड़ वार्षिक हो गया है। इसमें लगभग 1600 करोड़ वार्षिक सांसद स्थानीय क्षेत्र योजना का शामिल नहीं है।
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